India-Pakistan Tension: चीन ने फिर दिखाई अपनी असली चाल, पाकिस्तान का थामा हाथ
Pahalgam Attack China Reaction: पहलगाम हमले के बाद भारत का गुस्सा सातवें आसमान पर है, वहीं चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा होकर एक बार फिर भारत को धोखा देने की राह पर है।

भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से तनाव अपने चरम पर है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इसी बीच, चीन ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह पाकिस्तान के साथ खड़ा है, भले ही दुनिया आतंकवाद के खिलाफ एकजुट क्यों न हो।
चीन ने निभाई पुरानी दोस्ती
इतिहास गवाह है कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती कोई नई नहीं है। 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद, पाकिस्तान ने चीन को अपना रणनीतिक साझेदार बना लिया था। बदले में चीन ने उसे आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक समर्थन दिया। संयुक्त राष्ट्र से लेकर कश्मीर मुद्दे तक, हर मोर्चे पर चीन ने पाकिस्तान का खुला साथ दिया।
उम्मीद जगी, पर फिर टूटी
पहलगाम हमले के बाद शुरुआत में चीन ने आतंकवाद की निंदा कर थोड़ी उम्मीद जगाई थी कि शायद इस बार वह सही का साथ देगा। लेकिन रविवार को चीन ने पाकिस्तान की 'न्यूट्रल जांच' की मांग का समर्थन कर यह साफ कर दिया कि वह अब भी अपने पुराने एजेंडे पर कायम है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री से बात कर तनाव कम करने की अपील तो की, पर साथ ही पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं का भी समर्थन कर भारत को आहत किया।
भारत को उलझाए रखना चाहता है चीन
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन जानबूझकर भारत को कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों में उलझाए रखना चाहता है। इसका मकसद भारत की आर्थिक और वैश्विक शक्ति को सीमित करना है। दक्षिण एशिया में अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए चीन बार-बार पाकिस्तान को मोहरा बनाता है। भारत की बढ़ती ताकत और अमेरिका के साथ उसके घनिष्ठ संबंध भी चीन को असहज करते हैं। ऐसे में पाकिस्तान को समर्थन देकर चीन अपने रणनीतिक हित साधने में जुटा है।